देवास/ न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी टोंकखुर्द जिला देवास द्वारा देवकरण पिता कोन्दाजी, उम्र-50 वर्ष, निवासी- टोंकखुर्द जिला देवास को आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा-3/7 के आरोप में दोषी पाते हुए 6 माह का कारावास एवं 1000 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
उप संचालक (अभियोजन) जिला देवास, अजयसिंह भंवर एवं एडीपीओ सुश्री मधुलिका मेव सहायक मीडिया सेैल प्रभारी जिला देवास द्वारा बताया कि फरियादी वेदमणी शुक्ला, सहायक आपूर्ति अधिकारी सोनकच्छ द्वारा दिनांक 19 जून 2014 को थाना टोंकखुर्द में इस आशय का लिखित आवेदन पेश किया कि दिनांक 10 फरवरी 2014 को शाम 5ः20 बजे नायब तहसीलदार गिरी द्वारा मोबाईल पर सूचना दी गई कि नवनिर्मित महाविद्यालय के पास मुण्डी चापडा तलाई टोंकखुर्द में देवकरण ने झोपड़ी में तीन बेरल कुल 600 लीटर नीला कैरोसीन रखा है। सूचना मिलने पर वह कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी देवास मौके पर पहुंचे। देवकरण से पूछताछ करने पर उसके द्वारा बताया गया कि एक वाहन चालक, जिसका नाम वह नहीं जानता है, किन्तु शक्ल से पहचनता है, 407 वाहन से तीन बैरल 600 लीटर नीला केरोसिन लेकर आया और बोला कि इसे रखलो, वह बाद में ले जायेगा।
जिस झोपडी में नीला केरोसीन रखा है, वह झोपडी उसकी है। मौके पर उसके पास उक्त केरोसीन से संबंधित कोइ्र वैध कागजात नहीं है। मौका पंचनामा बनाकर देवकरण के कथन लिये गये। आरोपी देवकरण के कथन सही प्रतीत न होने से उसके द्वारा केरोसीन का अवैध संग्रहण करना व केरोसीन के क्रय-विक्रय में संलगन होना प्रतीत होता है, जो आवष्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत दण्डनीय अपराध है। फरियादिया की उक्त रिपोर्ट के आधार पर थाना टोंकखुर्द में अभियुक्त के विरूद्ध अपराध पंजीबद्व कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

