बिना पुण्य के व्यक्ति सत्कर्म नहीं कर सकता – अर्चना दीदी

देवास। बिना पुण्य के व्यक्ति सत्कर्म नहीं कर सकता, पुण्य से सत्संग की तथा सत्संग से विवेक की प्राप्ति होती है । गुरु चरित्र का निर्माण करता है, और संत आते हैं मनुष्य को सुधारने के लिए । जो संतों के सत्संग का अनुसरण करता है, उनके बताए मार्ग पर चलता है, वह पुण्यों को […]

परमात्मा जीव मात्र के निस्वार्थ मित्र हैं- पं. प्रदीप मिश्रा

देवास। जगत में परमात्मा को छोड ऐसा अन्य कोई नहीं है जो अपना सर्वस्व किसी को दे दे। यदि सेवा और स्तुति करना है तो भगवान की करो। जीव जब ईश्वर से प्रेम करता है तब ईश्वर जीव को भी ईश्वर के समान पूज्यनीय बना देता है। संसार में स्वार्थ भाव एवं प्रात्पि के भाव […]

जितना भक्ति के तत्व को प्राप्त करोगे जीवन में उतना आनंद प्राप्त करोगे- पं. प्रदीप मिश्रा

देवास। जीवन में कितने ही सतकर्म और पुण्य करो जब तक पूर्ण समर्पण के साथ ईश्वर के प्रति विश्वास धारण नहीं होगा तब तक परमात्मा की अनुभूति प्राप्त नहीं होंगी। भगवान को पाने के लिये अपार श्रद्धा के साथ उसे मन से याद करना होगा। सात दिनों की भागवत कथा के भक्ति रस का पान […]

मुक्ति उसे ही मिलती है जिसका मन मरता है – पं. प्रदीप मिश्रा

देवास। मन यदि सांसारिक विषयों के चिंतन को छोड दे तो वह ईश्वर में लीन हो सकता है। भागवत कथा का आकर्षण मन को ईश्वर में लीन कर सकता है। पूर्व जन्म का शरीर चाहे मर गया हो किंतु पूर्व जन्म का मन लेकर जीवात्मा इस जन्म में आती है। मन को प्रतिकूल बातों में […]

जहां विश्वास है वहीं ईश्वर का वास है- पं. प्रदीप मिश्रा

देवास। मुक्ति पाना सरल किंतु मोक्ष पाना कठिन। मुक्ति के बाद दूसरा जन्म मिलता है। मोक्ष से परमधाम प्राप्त होता है। ईश्वरी भक्ति विश्वास से प्राप्त होती है। जीवन की सार्थकता का मूल तत्व विश्वास को प्राप्त करने में संसार में विश्वास का सबसे बड़ा उदाहरण है सास जो कि एक अन्जान लड़की को बहु […]

श्रेष्ठ कर्मो के साथ सेवा, समर्पण, त्याग का भाव रखने वाला ही भगवान का सच्चा भक्त है- पं. प्रदीप शास्त्री

देवास। अपने परिवार मेें रहकर भगवान का नाम स्मरण करतेें है उसे प्राप्ति के मूल तत्व के लिये किसी मंदिर में जाने की आवश्यकता नहीं है। श्रेष्ठ कर्म के साथ सेवा समर्पण और त्याग केे भावों से सब कुछ प्राप्त कर सकता है। ईश्वर सर्वव्यापी है। श्रद्धा और विश्वास रखने वाला ही ईश्वर का सच्चा […]

108 श्रीमद भागवत शोभा यात्रा के साथ मूल पाठ प्रारंभ

देवास। 108 श्रीमद भागवत पुराण लिये विद्वान पंडितों की शोभा यात्रा खेड़ापति मंदिर से हुई दर्शन पश्चात एम जी रोड, जनता बैंक चौराहा, जवाहर चोक होते हुए आयोजन स्थल मण्डी धर्मशाला पहुंची। शोभा यात्रा में श्रीमद भागवत मूल पाठ के 108 यजमान सहित नवनिधि सामाजिक संस्था के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए थे। सुंदर […]

शोभा यात्रा के साथ 16 मई से प्रारंभ होगा 108 श्रीमद भागवत कथा महोत्सव

देवास। पुरूषोत्तम मास में नवनिधि सामायिक संस्था द्वारा मंडी धर्मशाला में आयोजित 108 श्रीमद भागवत कथा महोत्सव का शुभारंभ आज भव्य शोभा यात्रा के साथ प्रारंभ होगा। मीडिया प्रभारी चेतन उपाध्याय ने बताया कि आध्यात्म के क्षेत्र में देवास में पहली बार 108 श्रीमद भागवत कथा महोत्सव होने जा रहा है। आज 16 मई बुधवार […]

चार दिवसीय गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा की पूर्णाहुति

जल संरक्षण व पौधारोपण ऋषि परम्परा की देन -श्री दुबे वैदिक रीति से दी देवी देवताओं को भावभीनी विदाई देवास । यह हम सब भलीभांति जानते है कि भारत के किसी भी ऋषि मुनियों ने सीमेंट कांक्रीट के ढेर पर बैठकर तपस्या नही की, बल्कि उन्होंने वन स्थल व नदियों के किनारे आश्रम बना कर […]

सिद्धेश्वरी माता मंदिर पर वार्षिक उत्सव मनाया

भजन गायिका संस्कृति पगारे के भजनों का आनंद बरसा देवास। ताराणी कालोनी स्थित सिद्धेश्वरी माता मंदिर में शनिवार की शाम मंदिर का वार्षिकोत्सव मनाया गया जिसमें भजन गायिका संस्कृति पगारे ने भजनों की रस गंगा बहाई इस अवसर पर महाप्रसादी का आयोजन भी रखा गया । संस्कृति पगारे के भजनों पर झूमकर नृत्य किया। संस्कृति […]

ईश्वर अज्ञात ह उसको जानने के लिये आत्ममंथन करना होगा – अनुराधा नागर

चौथे दिन रही कृष्ण जन्मोत्सव की रही धूम देवास। गौ आत्म चिंतन एवं प्रशिक्षण सेवा एवं सामाजिक कल्याण समिति के तत्वावधान में गौ ज्ञान चिंतक संत श्री मौनी बाबा के सानिध्य में अनुराधा नागर ने कथा के चौथे दिन कहा कि मनुष्य को अध्यात्म व संस्कृति की राह पर चलना ही श्रेष्ठ कार्य है। भेड […]

प्रभु श्रीरामजी की भव्य बारात निकली

श्रीराम विवाह ही भारतीय संस्कृति का पाणी ग्रहण संस्कार बना हुआ है- मझले मुरारी बापू देवास। प्रभु श्रीराम मर्यादा पुरूषोत्तम राम है, रघुकुल के रीति रिवाज के साथ प्रभु श्रीराम का विवाह सीता से जिन वैदिक पद्धति से हुआ वह आज भी हमारी भारतीय संस्कृति का पाणिग्रहण संस्कार बना हुआ है। उस संस्कृति एवं संस्कार […]

गायत्री शक्तिपीठ एवं गायत्री प्रज्ञापीठ पर सामूहिक अनुष्ठानों की पूर्णाहूति

शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा के साथ श्रीरामजी का जन्मोत्सव मनाया देवास। गायत्री शक्तिपीठ साकेत नगर एवं गायत्री प्रज्ञापीठ विजयनगर पर प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी 18 मार्च से 25 मार्च तक चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व पर सामूहिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। गायत्री शक्तिपीठ जनसंचार विभाग के विक्रमसिंह चौधरी एवं विकास चौहान ने बताया […]

माँ के दरबार में मना प्रभु राम का जन्म उत्सव

जहाँ प्रेम नहीं होता वहां राम नहीं होते – मझले मुरारी बापू देवास। एक ओर एक मिलकर दो होना वासना उत्पन्न करता है किंतु एक और एक मिलकर रहना प्रेम का स्वरूप है। जहाँ प्रेम नहीं, सद्भावना नहीं, मानव कल्याण की प्रवृत्ति नहीं वहां दैत्यों का वास होता है। जहां प्रेम है वहाँ अध्यात्म है, […]

दीपयज्ञ एवं पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ संपन्न

देवास । गायत्री शक्तिपीठ देवास के तत्वावधान में तुलजा विहार कालोनी में दो दिवसीय धार्मिक आयोजन हुआ जिसमें 17 मार्च को शाम 5 बजे से भव्य कलश यात्रा निकाली जो सम्पूर्ण तुलजा विहार की गलियां गायत्री परिवार के नारों से सराबोर हो गई । कलश यात्रा में धर्म की जय हो, नारियो अपने को पहचानो, […]

नववर्ष, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा युगाब्द ५१२०, विक्रमी संवत् २०७५ (१८ मार्च)

नववर्ष, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा युगाब्द ५१२०, विक्रमी संवत् २०७५ (१८ मार्च) पृथ्वी संवत १ अरब ९५ करोड़ ५८ लाख ८५ हज़ार १२ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का ऐतिहासिक महत्व…. 1. इसी दिन के सूर्योदय से ब्रह्माजी ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की। 2.सम्राट विक्रमादित्य ने इसी दिन राज्य स्थापित किया। इन्हीं के नाम पर विक्रमी संवत् […]

गायत्री शक्तिपीठ एवं गायत्री प्रज्ञापीठ पर सामूहिक अनुष्ठान का आयोजन

देवास। गायत्री शक्तिपीठ साकेत नगर एवं गायत्री प्रज्ञापीठ विजयनगर पर प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी 18 मार्च से 25 मार्च तक चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व पर सामूहिक अनुष्ठान का आयोजन होगा। गायत्री शक्तिपीठ जनसंचार विभाग के विक्रमसिंह चौधरी एवं विकास चौहान ने बताया कि गायत्री साधना के अर्थ व्यापक है। इस व्यापकता को न समझने […]

सुदामा जी ने कृष्ण के लिय गरीबी को गले लगाया

सुदामा को गरीबी क्यों मिली… अगर अध्यात्मिक दृष्टिकोण से देखा जाये तो सुदामा जी बहुत धनवान थे। जितना धन उनके पास था किसी के पास नही था। लेकिन अगर भौतिक दृष्टि से देखा जाये तो सुदामाजी बहुत निर्धन थे । एक ब्राह्मणी थी जो बहुत गरीब निर्धन थी। भिच्छा माँग कर जीवन यापन करती थी। […]

शीतला सप्तमी की कथा ओर महत्व

यह कथा बहुत पुरानी है। एक बार शीतला माता ने सोचा कि चलो आज देखु कि धरती पर मेरी पूजा कौन करता है, कौन मुझे मानता है। यही सोचकर शीतला माता धरती पर राजस्थान के डुंगरी गाँव में आई और देखा कि इस गाँव में मेरा मंदिर भी नही है, ना मेरी पुजा है। माता […]

पढ़ें तुलसीदास जी ने भी बाबरी मस्जिद का उल्लेख किया है

आम तौर पर हिंदुस्तान में ऐसे परिस्थितियां कई बार उत्पन्न हुई जब राम -मंदिर और बाबरी मस्जिद (ढांचा ) एक विचार-विमर्श का मुद्दा बना और कई विद्वानों ने चाहे वो इस पक्ष के हो या उस पक्ष के अपने विचार रखे . कई बार तुलसीदास रचित रामचरित मानस पर भी सवाल खड़े किये गए की […]