अवैध शराब से भरे ट्रक से कुचलकर खातेगांव टीआई दिलीप पुरी की मौत

 

अवैध शराब से भरे ट्रक से कुचलकर खातेगांव टीआई दिलीप पुरी की मौत

मुख्यमंत्री ने की एक करोड़ की सहायता की घोषणा

पत्नी को एसआई पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने के निर्देश, जांच के लिए स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन घटनास्थल रवाना

देवास। अवैध शराब की तस्करी रोकने की कार्रवाई के दौरान खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की जान चली गई। रविवार देर रात हरदा-नेमावर मार्ग पर संदिग्ध शराब से भरे ट्रक को रोकने के दौरान यह घटना हुई। आरोप है कि चालक ने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए वाहन आगे बढ़ा दिया, जिससे टीआई ट्रक की चपेट में आ गए। गंभीर रूप से घायल दिलीप पुरी की मौत हो गई। घटना से पुलिस विभाग में शोक की लहर है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगत थाना प्रभारी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में परिवार के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने घटना की जांच के लिए स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन को तत्काल घटनास्थल पर रवाना किया और निष्पक्ष जांच के साथ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने दिवंगत दिलीप पुरी की धर्मपत्नी को अनुकंपा नियुक्ति के तहत उप निरीक्षक (एसआई) पद पर नियुक्त करने तथा परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश भी दिए।

पुलिस को मिली थी अवैध शराब परिवहन की सूचना

पुलिस को सूचना मिली थी कि हरदा की ओर से अवैध शराब से भरा वाहन हरदा-नेमावर मार्ग से गुजरने वाला है। इसके बाद पुलिस ने वाहन को पकड़ने के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर घेराबंदी की। कार्रवाई के दौरान खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी संदिग्ध वाहन को रोकने पहुंचे। इसी दौरान चालक द्वारा वाहन आगे बढ़ाने से वे उसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद पुलिस ने वाहन जब्त कर मामले की जांच शुरू की।

ट्रक से करीब 298 पेटी शराब बरामद

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आयशर वाहन क्रमांक एमपी 43 एच 4786 से करीब 298 पेटी शराब बरामद हुईं। वाहन में गुप्त कंपार्टमेंट बनाए जाने की बात भी सामने आई है। आबकारी विभाग की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वाहन में शराब परिवहन का वैध परमिट नहीं मिला। शराब कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था, इसकी जांच की जा रही है।

शराब तस्करी के नेटवर्क की जांच

मामले में शराब कारोबार से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। शुरुआती सूचनाओं में हरदा जिले के टिमरनी क्षेत्र से शराब लाए जाने की आशंका जताई गई है। शराब के स्रोत, परिवहन और तस्करी में शामिल लोगों का पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

हाल में जहरीली शराब से हुई थीं मौतें

देवास जिले में हाल ही में चंदाना और बिजाना गांवों में जहरीली शराब से कई लोगों की मौतों का मामला सामने आया था। इसके बाद जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई थी। ऐसे में शराब तस्करी रोकने की कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी की मौत ने अवैध शराब के नेटवर्क पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

2007 बैच के उप निरीक्षक थे दिलीप पुरी

दिलीप पुरी वर्ष 2007 बैच के उप निरीक्षक थे। वे खातेगांव थाना प्रभारी के रूप में पदस्थ थे। इससे पहले इंदौर के हीरानगर और चंदननगर थानों में भी सेवाएं दे चुके थे। वे धार जिले के राजोद थाना क्षेत्र के बरमंडल गांव के निवासी थे। उनके निधन से पुलिस विभाग और परिचितों में शोक है।

पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में घटना के पूरे घटनाक्रम, शराब के स्रोत और तस्करी में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है।

Post Author: Vijendra Upadhyay