अमलतास अस्पताल में कोरोना वैक्सीन टीकाकरण का पूर्वाभ्यास

देवास। 8 जनवरी को देश के लगभग 700 से अधिक जिलों में टीकाकरण का पूर्वाभ्यास किया गया। देवास में अमलतास अस्पताल में भी नोडल अधिकारी श्री राजेश जी चौधरी (बीएमओ टोंक खुर्द) की उपस्थिति में वैक्सीन का ड्रायरन हुआ। अमलतास अस्पताल के पीआरओ संतोष वर्मा ने बताया कि आज यह अभ्यास, ट्रायल स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशो के अनुसार किया गया। सर्वप्रथम इस ट्रायल में अमलतास अस्पताल स्टाफ के 25 लोगो का चयन कर मीडिया के समक्ष अभ्यास के साथ ट्रायल की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया गया। जिसमें टीका लगने वाले व्यक्ति की अस्पताल में इंट्री, मोबाइल पर प्राप्त संदेश का सत्यापन, टीका लगने सहित उसे डॉक्टरों द्वारा कैसे चेक किया जाएगा, इसके बारे में एक मॉकड्रिल करके सभी को दिखाया गया।


इसके पश्चात अमलतास अस्पताल के सीओओ डॉ. जगत बी. रावत, अमलतास कॉलेज, अस्पताल अधिष्ठाता डॉ. शरदचन्द्र वानखेड़े द्वारा प्रेसवार्ता के माध्यम से पूरी प्रक्रिया की जानकारी उपस्थित मीडियाकर्मी साथियो को दी गयी। जिसमे टीके के विभिन्न चरण, इसके परिणाम, टीकारण के बाद की सावधानियों आदि की विस्तार से प्रेस वार्ता में चर्चा की गयी।


चर्चा में बताया गया की यह कोरोना वैक्सीन इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) और भारत बायोटेक इंटरनेशनल द्वारा निर्मित है। ट्रायल में शामिल प्रत्येक वालेंटियर के सेहत की सख्त मानीटरिंग की जाएगी। प्रथम चरण में 7999 स्वास्थ्य कर्मियों को लगेगा वैक्सीन। इसके लिए भारत बायोटेक ने अमलतास अस्पताल को अपनी कोवैक्सीन के डोज भेजे जायेंगे जहां रजिस्ट्रेशन कराने वाले अस्पताल वॉलेंटियर को टीका लगया जाएगा। इसका बूस्टर डोज 28 दिन बाद लगाया जाएगा। मीडिया कर्मियों के पूछे गए प्रश्नों का विस्तार से उत्तर दिया गया। इस दौरान अमलतास अस्पताल की और से देवेन्द्र दूबे, मनीष शर्मा आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम में डॉ. अंकिता तिवारी एवम् राहुल टकवाना का विशेष सहयोग रहा।

Post Author: Vijendra Upadhyay