देवास । शनिवार को गीता भवन में आयोजित गरिमामय शिक्षा रत्न सम्मान समारोह में अशासकीय शिक्षण संस्था संचालक संघ देवास ने 92 शिक्षकों को शिक्षा रत्न सम्मान से सम्मानित किया । शिक्षा रत्न सम्मान में शिक्षकों को शॉल, श्री फल सहित प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया । सम्मान समारोह के मुख्य आतिथि रामदेवजी भारद्वाज (कुलपति अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय भोपाल) थे । अध्यक्षता देवास जिलाधीश ड़ॉ. श्रीकांत पाण्डे ने की । विशेष अतिथि के रूप में पुलिस अधीक्षक अंशुमान सिंह, जिला पंचायत सीईओ राजीव रंजन मीणा, नगर निगम आयुक्त विशाल सिंह चौहान, अशासकीय शिक्षण संस्था संचालक संघ अध्यक्ष राजेश खत्री एवं सचिव दिनेश मिश्रा उपस्थित थे ।
उक्त जानकारी देते हुए संघ के सचिव दिनेश मिश्रा ने बताया कि अतिथियों ने भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम की संघ के सभी पदाधिकारीयों बधाई दी एवं संघ द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की । कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती का पूजन एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया । अतिथियों का स्वागत विशाल शर्मा, सुरेंद्र राठौर नवनीत तिवारी , राजेश गोयल, हेमन्त वर्मा, चेतन पचौरी, शकील कादरी, सुरेश चौहान, राजेन्द्र गोयल उस्मान शेख, भरत पटेल, अनिल शर्मा, दुर्गेश यादव, नीरज शर्मा, अजीज कुरैशी, प्रकाश चव्हाण, शकील शेख, नारायण आचार्य, रवि श्रीवास्तव मौखिर अली, स्वप्निल जैन, शाहनवाज अली, कीर्ति चव्हाण, स्वप्निल वर्मा ने किया ।अध्यक्ष राजेश खत्री ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत कर संघ द्वारा वर्ष भर किये जा रहे कार्यों से अवगत कराया । अतिथि परिचय आदित्य दुबे ने दिया। संचालन सैय्यद मक़सूद अली ने किया एवं आभार कोषाध्यक्ष सुरेश चव्हाण ने माना। मुख्य अतिथि रामदेव भारद्वाज ने कहा कि सम्मान लेना जितना कठिन कार्य होता है उससे कहीं ज्यादा कार्य होता है सम्मान देना सम्मानित होने वाले योग्य व्यक्ति का चयन बहुत ही कठिन होता है
कार्यक्रम के अध्यक्ष कलेक्टर श्रीकांत पांडे ने अपने उद्बोधन बताया शिक्षक होना अपने आप में सबसे ज्यादा महत्व होता है एक शिक्षक अन्य कई महत्वपूर्ण पदों में सबसे श्रेष्ठ होता है वर्तमान पीढ़ी भविष्य में डॉक्टर इंजीनियर कलेक्टर के रूप में खुद को देखना चाहती है परंतु यह हमारा दायित्व है कि हम उनके बीच में से श्रेष्ठ शिक्षक भी निकालें। विशेष अतिथि पुलिस अधीक्षक श्री अंशुमान सिंह ने अपने उद्बोधन में अनुभव के आधार पर बताया कि किस तरह एक शिक्षक का स्थान स्वयं के परिवार के अन्य सदस्यों से श्रेष्ठ होता है। स्वयं की बेटी उदाहरण देते हुए बताया उन्होंने कि हमारे बच्चो को जब हम कोई बात समझाते हैं तो वह अपने शिक्षक द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर हमसे भी उन चीजों पर बहस करने लगता है की शिक्षक ही सही है, इस तरह शिक्षक को समझना होगा कि उसका स्थान कितना महत्व होता है उसके द्वारा दी गयी प्राथमिक जानकारी ही बच्चे के भविष्य की नींव होती है। अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह महेन्द्र गेहलोत, भावेश अग्रवाल सैय्यद अब्दुल बारी, सुषमा अरोरा, अल्का कनौजिया, आर. पी. मिश्रा संदीप चौरसिया, आशीष शर्मा, सुशील पाण्डे, कल्पना नाग, मिथलेस यादव सुशील पांडे ने भेंट किये ।
ये हुए सम्मानित
कल्पना मिश्रा, सरिता मोदी, नूर बेबी, शीतल प्रताप, लता तिवारी, प्रतिभा आंधले, नजमा परवीन , प्रणिता चांदी, श्रीमती नाग भाटी, ममता जाटव, हर्ष शर्मा, भारतीय ठाकुर, प्रणव सोनी, अंशु तिवारी, निशा रोटेला, कोमल पवार, विद्या वर्मा, अपूर्वा प्रचंड, आरती बेलापुरकर, शुभम प्रणाली, रुखसार खान, किरण उजाले, प्रवीण अंबेकर, धनश्री जाधव, दीपिका योगी, पिंकी वर्मा, श्रद्धा मंडलोई, रीना बॉक्सर, शीतल शर्मा, तेज बहादुर सिंह, रश्मि त्रिवेदी, मीना जैन, सरफराज पठान, भारती श्रीवास, उषा स्वामी, राखी त्रिपाठी , सुनीता कामले, निकिता सोलंकी, प्रतिभा शिंदे, गरिमा यादव, दीपिका के लक्ष्मी राय, अंजली दीक्षित, प्रमिला तिवारी, निर्मला नरे, वर्षा बावसकर, भावना गहलोत, महेंद्र प्रताप सिंह, संगीता घूमरे, आफरीन खान, पुनीत उपाध्याय, सुनीता शर्मा, दिव्या, माधुरी नांखियां, सीता साहू, चंद्रकला जयसवाल, रीना कुमावत ,सोमनाथ सिंह धुर्वे, अनीता शास्त्री, दीक्षा नाथ, सुलोचना दिवेदी, रितु नागर, रानू करमेले, माधुरी नानकिया,ज्योत्सना किटूकले, हर्षा चतुर्वेदी, दिव्या सिंह, रानी सोलंकी, नईमा हुसैन, अंजू शर्मा, मालती ठाकुर ,राजश्री, मुकेश महासांगे, सीमा निगम, रजनी राठौर, संतोष सिंह, अभिलाषा सिंह सेंगर, ऋतुराज, संजय जोशी, पूजा मेहता, अनिता विजयवर्गीय, सोनाली श्रीवास्तव, प्रतिज्ञा बाजारे, शबनम शेख ।
उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी अबरार अहमद शेख एवम प्रवक्ता आदित्य दुबे ने दी।