धनतेरस 2017 :- यह पर्व प्रति वर्ष कार्तिक मास के कृष्णपक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है । धनतेरस के दिन धन्वन्तरी देवता के साथ , माता लक्ष्मी गणेश इंद्र और धन के देवता कुबेर की विशेष पूजा का महत्व और विधान है इसलिए इस दिन भी दीपावली के भांति इन सब की पूजा […]
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दशहरा अर्थात विजयादशमी संबंधित अध्यात्मशास्त्रीय जानकारी
अश्विन शुक्ल दशमी की तिथि पर दशहरा मनाते हैं । दशहरे के पूर्व के नौ दिनों तक अर्थात नवरात्रि काल में दसों दिशाएं देवी मां की शक्ति से संचारित होती हैं । दशमी की तिथि पर ये दिशाएं देवी मां के नियंत्रण में आ जाती हैं अर्थात दिशाओं पर विजय प्राप्त होती है । विजयादशमी […]
कुलदेवता और कुलदेवी की पूजा क्यों करनी चाहिये?
हिन्दू पारिवारिक आराध्य व्यवस्था में कुलदेवता और कुलदेवी का स्थान सदैव से रहा है, प्रत्येक हिन्दू परिवार किसी न किसी ऋषि के वंशज है जिनसे उनके गोत्र का पता चलता है, बाद में कर्मानुसार इनका विभाजन वर्णों में हो गया विभिन्न कर्म करने के लिए, जो बाद में उनकी विशिष्टता बन गया और जाति कहा […]
अगले बरस जल्दी आने की प्रार्थना के साथ होगा गणपति विसर्जन
प.एल. एन. शास्त्री, देवास *अगले बरस जल्दी आने की प्रार्थना के साथ होगा गणपति विसर्जन* इस बार चूंकि 11 दिन गणेश विराजें तो विसर्जन 5 सिंतबर को संपन्न होगा। विसर्जन के समय किसी नदी या तालाब या समंदर में गणेश प्रतिमा को विसर्जित कर उनसे अगले बरस आने की प्रार्थना की जाती है। विसर्जन करते समय […]
पूजा घर में शंख और बजाने का महत्व
देश के कई भागों में लोग शंख को पूजाघर में रखते हैं और इसे नियमित रूप से बजाते हैं. ऐसे में यह उत्सुकता एकदम स्वाभाविक है कि शंख केवल पूजा-अर्चना में ही उपयोगी है या इसका सीधे तौर पर कुछ लाभ भी है…. सनातन धर्म की कई ऐसी बातें हैं, जो न केवल आध्यात्मिक रूप […]
ज्योतिष के अनुसार तिलक —
तिलक कई प्रकार के होते हैं — मृतिका, भस्म, चंदन, रोली, सिंदूर, गोपी आदि। सनातन धर्म में शैव, शाक्त, वैष्णव व अन्य मतों के अलग-2 तिलक होते हैं। चंदन का तिलक लगाने से पापों का नाश होता है।व्यक्ति संकटों से बचता है।उस पर लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है।ज्ञान तंतु संयमित व सक्रिय रहते […]
गणेश चतुर्थी- पूजन मुहूर्त,सामग्री, विधी, आरती
पूजा की तिथि गणेश चतुर्थी 25 अगस्त 2017 को है। -चतुर्थी 24 अगस्त 2017 को रात 20:27 बजे शुरू होगी। -चतुर्थी 25 अगस्त 2017 को रात 20:31 बजे समाप्त होगी। पूजन मुहूर्त गणेश जी की मुर्ति लाने का समय: प्रातः 07:38 से 08:32 तक । -गणेश पूजन का शुभ समय प्रातः 09:15 से 10:28 बजे […]
सर्वधर्म सदभाव के मूल मंत्र के साथ ईको फ्रेंडली गणेश
*** प्रायवेट स्कूल संचालक संघ के आहवान पर साईंनाथ मेमोरियल हायर सेकंडरी स्कूल के विद्यार्थियों ने भी आज चीनी वस्तुओं के विरोध में,पर्यावरण की रक्षा, के लिए नगर की शैक्षणिक संस्थाओं के साथ ईको फ्रेंडली गणेश प्रतिमाओ का निर्माण किया अभियान में नगर के सेकड़ो स्कूलों के साथ मुस्लिम स्कूल संचालक भी सामाजिक समरसता, सर्वधर्म […]
इस बार खुद के हाथों से बने गणेशजी विराजेंगे घरों में
मोहन वर्मा- देवास टाईम्स. कॉम इस बार खुद के हाथों से बने गणेशजी विराजेंगे घरों में ———————————- देवास में अशासकीय शिक्षण संस्थाओं के संगठन के बैनर तले चलाये गए माय फ्रेंड गणेशा अभियान में आज स्कूलों में टीचरों और बच्चों का उत्साह छलका छलका नज़र आ रहा था जब वे पूरी तन्मयता से अपने हाथों […]
तिलक लगाने का क्या महत्व है?
माथे पर तिलक लगाने का क्या महत्व है? भारत के सिवा और कहीं भी मस्तक पर तिलक लगाने की प्रथा शायद ही कहीं और भी प्रचलित हो। यह हिन्दू रीति रिवाज अत्यंत प्राचीन है। माना जाता है कि मनुष्य के मस्तक के मध्य में विष्णु भगवान का निवास होता है, और तिलक ठीक इसी स्थान […]
संकल्प – रक्षा सूत्र का धागा वृक्षो की रक्षा के लिये…
संकल्प- आज जब हम रक्षा बंधन पर्व को एक नये रुप में मनाने की बात करते है, तो हमें समाज, परिवार और देश से भी परे आज जिसे बचाने की जरुरत है, वह सृ्ष्टि है, राखी के इस पावन पर्व पर हम सभी को एक जुड होकर यह संकल्प लें, राखी के दिन एक स्नेह […]
!! संस्कृत सप्ताह !!
शासकीय संस्कृत विद्यालय बागली में संस्कृत दिवस के अवसर पर संस्कृत सप्ताह मनाया जा रहा है..४ अगस्त से १० अगस्त तक विभिन्न आयोजन किये जायेगें .. आज विद्यालय के छात्रों व शिक्षकों ने बागली नगर में रैली निकाल कर सभी को स्वागत तिलक लगा कर संस्कृत दिवस की शुभकामनायें दी… संस्कृत भाषा के जय घोष […]
रक्षा बंधन पर ग्रहण का असर…
पं.एल.एन.तिवारी(शास्त्री), देवास मो. 9755111711 ……..………………………….. बहनों को ग्रहण के सूतक में राखी बांधना चाहिए या नहीं उसको लेकर में ‘ *निर्णय सिंधु ‘* के *परिच्छेद २ पेज नंबर 180 में लिखा हुआ* है कि ” *इदं रक्षाबंधनं नियतकालत्वात भद्रावर्ज्य ग्रहणदिनेपि कार्यं होलिकावत् । ग्रहणसंक्रांत्यादौ रक्षानिषेधाभावात् ।”** इसी निर्णय सिंधु के पेज 180 पंक्ति नं 11 […]
मेरू मंदिर तपस्वियों का सम्मान समारोह संपन्न
श्री शंखेश्वर पाश्र्वनाथ मंदिर तुकोगंज रोड पर साध्वी श्री हिमज्योति जी एवं हितदर्शिता जी की प्रेरणा से 20 दिवसीय मेरू मंदिर तप की कठोर साधना करने वाले साधकों का बहुमान एवं सम्मान समारोह आयोजित हुआ । जिसके अंतर्गत 60 तपस्वी महिला-पुरूषों का सम्मान किया गया। साथ ही मास क्षमण, वर्षी तप एवं दीर्घ आयंबिल करने […]
गायत्री शक्तिपीठ एवं प्रज्ञापीठ पर श्रावणी पर्व का आयोजन 6 अगस्त को
देवास। इस वर्ष रक्षाबंधन के पावन पर्व पर चंद्रग्रहण होने की वजह से गायत्री शक्तिपीठ साकेत नगर एवं प्रज्ञापीठ विजय नगर देवास पर श्रावणी उपाकर्म का आयोजन एक दिन पूर्व 6 अगस्त को किया जाएगा। गायत्री शक्तिपीठ जनसंचार विभाग के विक्रमसिंह चौधरी एवं विकास चौहान ने बताया कि श्रावणी पूर्णिमा पर्व का उद्देश्य आत्म निर्माण […]
एकादशी व्रत का महत्व
एकादशी व्रत बहुत सावधानी का है। इसमें चावल वर्जित हैं। मोहिनी एकादशी के अवसर पर श्रद्धालुओं को सुबह से ही पूजा-पाठ, प्रातःकालीन आरती, सत्संग, एकादशी महात्म्य की कथा, प्रवचन सुनना चाहिए। ? *विशेष* – *हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है lराम रामेति रामेति । […]
सूर्य की पूजा का महत्व
रोज सवेरे सूर्य की पूजा अर्थात सूर्य नमस्कार के साथ जल अर्पित करने को हमारे धर्म ग्रंथों में महत्वपूर्ण बताया गया है। सूर्योदय के समय जो किरणें हमारे शरीर पर पड़ती हैं वह स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होती हैं। इसलिए हमारे पूर्वजों ने इन किरणों से मानव को स्वास्थ्य प्रदान करने के लिए सूर्य को […]
उपवासों की धार्मिक मान्यताए
उपवासों पर दृष्टि डालें तो सभी उपवासों का एक ही उद्देश्य प्रतीत होता है कि मानव को शारीरिक रूप से स्वस्थ रखा जाए। सारी शारीरिक समस्याओं की जड़ पेट होता है अर्थात यदि पेट की पाचन क्रिया दुरुस्त है तो शरीर व्याधि रहित रहता है। उसे ठीक रखने के लिए समय-समय पर उपवास करना सर्वोत्तम […]
अन्नपुर्णा मंदिर सोनकच्छ मे भगवान भोले का अदभुत श्रगार….
अन्नपुर्णा मंदिर सोनकच्छ मे भगवान भोले का अदभुत श्रगार सावन पर्व के उपलक्ष्य मे हुआ। यह मंदिर बहुत ही पुराना ओर प्रचीन मंदिर है..पूरे सावन माह रोज ही बाबा भोले का विशेष श्रंगार ओर पूजन का आयोजन किया। यहा लाखो की संख्या मे लोगों ने आकर दर्शन लाभ ले रहे है ओर अपनी मनोकामना मांगी।
धार्मिक स्थलों में घंटी का महत्त्व
धार्मिक स्थलों में घंटी का महत्त्व धार्मिक स्थलों पर घंटे बजाने का चलन है, परन्तु बहुत ही कम लोग जानते हैं कि इसका भी एक वैज्ञानिक आधार है, जिसका स्वस्थ्य पर अनुकूल प्रभाव पड़ता है। घंटी बजने से उत्पन्न ध्वनि तरंगें कीटाणुओं का नाश करती हैं और धार्मिक स्थल के वातावरण को प्रदूषण रहित बनाती […]

